हमारे जीवन में कई शुभ अशुभ होने वाली घटनाओं का संकेत मिलते रहते हैं, इन्हीं में से एक है अंगों पर छिपकली गिरने का। पुरुष के बाएं अंग एवं स्त्री के दाहिने अंगों पर छिपकली गिरना अशुभ माना जाता है तथा पुरुष के दाहिने अंगों पर एवं स्त्री के बाएं अंगों पर छिपकली गिरना सामान्यता शुभ माना जाता है ऐसी अवस्था में उस स्थान को पानी से धो लें अथवा हो सके तो स्नान कर लेना चाहिए। हमारे धर्म शास्त्रों में 50 ऐसे अंगों पर छिपकली गिरने का शुभ और अशुभ फल के बारे में बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं अंगों पर छिपकली गिरने से क्या शुभ और अशुभ लाभ होते हैं।
अंगों के नाम फल। अंगों के नाम फल।
ललाट पर स्थान लाभ। दाहिना कंधा विजय।
केशान्त मृत्यु, कष्ट। बायां कंधा शत्रु भय।
मस्तक राज्य प्राप्ति। दाहिना भुजा धन लाभ।
केश बंध रोग भय। बायीं भुजा राज्य भय।
दाहिना कान भूषण प्राप्ति। दाहिना हथेली वस्त्र लाभ।
बायां कान आयु वृद्धि। बायीं हथेली धन हानि।
नाक सौभाग्य लाभ। दाहिना करतल धन सदुपयोग।
मुख मधुर भोजन। बायां करतल धन दुरपयोग।
नासाग्र व्यसन विग्रह। उदर (पेट) भूषण लाभ।
बायां गाल इष्ट मित्र मिलन। कमर मध्य अर्थ लाभ।
दाहिना गाल आयु वृद्धि। नाभि मनोरथ लाभ।
गला सुख प्राप्ति। दाहिना कटी वस्त्र प्राप्ति।
गर्दन यश प्राप्ति। बायां कटी सुख अभाव।
दाढ़ी भय कारक। दाहिना जांघ सुख प्राप्ति।
मूँछ सम्मान प्राप्ति। बायां जांघ पीड़ा।
भौंह धन हानि। दाहिना घुटना प्रियगामान।
भौंह मध्य धन लाभ। बायां घुटना बुद्धि हानि।
दाहिना नेत्र बंधु दर्शन। दाहिना पैर भ्रमण।
बायां नेत्र हानिकारक। बायां पैर रोग, क्लेश।
कंठ शत्रु नाश। दाहिनी ऐड़ी यात्रा।
पीठ के मध्य कलह। बायीं ऐड़ी दुखद संवाद।
दाहिना पीठ सुख लाभ। दाहिना पदतल ऐश्वर्य प्राप्ति।
बायां पीठ रोग भय। बायां पदतल व्यपार हानि।
उतरोष्ठ धन हानि। दाहिना स्तन मनोरंजन।
अध्रोष्ठ प्रिय मिलन। बायां स्तन क्लेश।


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